राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की पृष्ठभूमि. भाग 02
नील सिटी हाई स्कूल में पढ़ते वक्त रिस्ले सर्कुलर के विरोध में अंग्रेज निरीक्षक का स्वागत प्रत्येक कक्षा में वंदे मातरम से हुआ। बाद में जांच पड़ताल करने पर पता चला कि यह केशव की योजना थी जिसे उन्होंने निर्भीक होकर स्वीकार किया। अतः उनको विद्यालय से निकाल दिया गया।
जब कोई देश परतंत्र होता है तो देश-भक्ति भाव से जलते अंत:करण बड़े ही बेचैन हो जाते हैं। “काल” और “केसरी” के क्रांतिकारी लेख, तिलक के आग उगलते भाषण,अंग्रेजों का दमन चक्र और बंग-भंग के विरोध में उग्र आंदोलन किशोर केशव के अंत:कारण में क्रांति के बीज वपन कर रहे थे।
1910 में कोलकाता के नेशनल मेडिकल कॉलेज में उनका नामांकन कराया गया । वहां क्रांतिकारियों का एक संगठन “अनुशीलन समिति” के साथ जुड़ गए तथा क्रांतिकारियों का विभिन्न रूप में सहयोग करने लगे। प्रथम विश्व युद्ध के समय ही लगभग 1915 में महात्मा गांधी का भारत में आगमन हुआ और धीरे-धीरे वे कांग्रेस के सर्वमान्य नेता बन गए। डॉ० हेडगेवार “अनुशीलन समिति” के काम के समय से ही देश के अनेक क्रांतिकारियों से जुड़ गए थे तथा धीरे-धीरे कांग्रेस में उनकी सक्रियता बढ़ गई थी । बाल गंगाधर तिलक के प्रति उनके मन में अत्यधिक श्रद्धा भाव था परंतु महात्मा गांधी के अनेक विचारों से उनकी असहमति रहती थी । परंतु कांग्रेस के साधारण कार्यकर्ता होने के कारण संगठन का निर्णय उनके लिए मान्य होता था।
प्रथम विश्व युद्ध की समाप्ति के बाद रॉलेट एक्ट के विरोध में जलियांवाला बाग में जब हजारों लोग एकत्र थे उस समय जनरल डायर ने उन निहत्थे लोगों पर गोलियों की बौछार कर हजारों लोगों की हत्या कर दिया। इसके कुछ ही दिनों बाद तुर्की के खलीफा को उसकी गद्दी से उतार दिया गया। दुनिया के अन्य देशों के मुसलमान के साथ भारत के मुसलमान भी तुर्की के खलीफा को बनाए रखना चाहते थे । लेकिन अतातुर्क कमाल पाशा के करण खलीफा को अपने स्थान पर बनाए रखना संभव नहीं हो सका । इस कारण भारत में भी खिलाफत आंदोलन शुरू हुआ । महात्मा गांधी को लगा कि मुसलमान को एक साथ मिलकर अंग्रेजों का विरोध करना अच्छा रहेगा । अतः उन्होंने भी उनका साथ दिया और उन्होंने असहयोग आंदोलन शुरू किया। खिलाफत आंदोलन के असफल हो जाने के कारण भारत में मुस्लिम लीग के नेताओं को लगा कि हिंदुओं ने उनका समर्थन ठीक से नहीं किया। अतः इसकी प्रतिक्रिया में उन्होंने जगह-जगह हिंदुओं की हत्या करना, जबरदस्ती उनका धर्म परिवर्तन करना तथा महिलाओं के साथ व्यभिचार करना शुरू कर दिया। दक्षिण भारत में मालाबार क्षेत्र में मोपलों ने अत्यधिक उत्पात मचाया । परंतु कांग्रेस के अधिकांश नेता मुस्लिम तुष्टिकरण में लगे रहे । इस घटना ने डॉक्टर हेडगेवार को भीतर से झकझोर दिया।
जारी रहेगा…
डॉ नरेंद्र कुमार राय
धनबाद विभाग बौद्धिक शिक्षण प्रमुख (आरएसएस)
