वन नेशन-वन इलेक्शन समिति ने राष्ट्रपति को सौंपी रिपोर्ट

  • 18,626 पेज की है रिपोर्ट

नई दिल्ली से केशव की रिपोर्ट
एक देश-एक चुनाव (वन नेशन-वन इलेक्शन) उच्च स्तरीय समिति ने गुरूवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को रिपोर्ट सौंपी. पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता वाली समिति ने 18,626 पन्नों की रिपोर्ट सौंपी. समिति ने भारत में एक साथ लोकसभा व विधानसभा चुनाव के लिए संविधान में संशोधन की सिफारिश की है. पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता वाली समिति ने संविधान के अंतिम पांच अनुच्छेद में संशोधन की गुजारिश की है.

समिति ने संसद के सदनों की अवधि से संबंधित अनुच्छेद 83, लोक सभा के विघटन से संबंधित अनुच्छेद 85, राज्य विधानमंडलों की अवधि से संबंधित अनुच्छेद 172, राज्य विधानमंडलों के विघटन से संबंधित अनुच्छेद 174, व राज्यों में राष्ट्रपति शासन लगाने अनुच्छेद 356 में संसोधन की सिफारिश की है. रिपोर्ट में कहा गया है कि पहले चरण में लोकसभा व विधानसभाओं के चुनाव एक साथ किया जा सकता हैं, इसके बाद 100 दिन के अंदर दूसरे चरण में स्थानीय निकायों के चुनाव हो सकता है. समिति की रिपोर्ट 191 दिनों के शोध कार्य का परिणाम है.

राजनीतिक दल से ली गयी है सहमति
रिपोर्ट में कहा गया है कि देश के ज्यादात्तर राजनीतिक दल लोकसभा, ​विधानसभा व पंचायत चुनाव को एक साथ कराने को लेकर सहमत हैं. समिति ने एक राष्ट्र-एक चुनाव के लिए सरकार गिरने की स्थितियों पर एकसाथ चुनाव कराने की व्यवस्था कायम रखने की अहम सिफारिशें की है. रिपोर्ट में एक मतदाता सूची रखने की सिफारिश शामिल है. लोकसभा, विधानसभा व स्थानीय निकाय चुनाव कराने के लिए सिंगल वोटर बनाने की बात कही गयी है. सूचनाओं की माने तो जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के प्रासंगिक प्रावधानों में संशोधन करने की सिफारिश भी रिपोर्ट में की गई है.

02 सितंबर 2023 को बनी थी समिति
एक देश-एक चुनाव को लेकर समिति का गठन 02 सितंबर 2023 को हुआ था. पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को समिति का अध्यक्ष बनाया गया था. समिति राजनीतिक दल, संवैधानिक विशेषज्ञ, पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त, चुनाव आयोग व अन्य संबंधित लोगों के साथ परामर्श कर जानकारी एकत्रित की है.

President of
राष्ट्रपति को रिपोर्ट सौंपते कमिटी अध्यक्ष

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